M.P. BJP President Nandkumar Singh Chouhan


संघ मुक्त भारत नीतिश कुमार का सपना मुंगेरी लाल के सपनेसे अधिक कुछ नहीं- नंदकुमारसिंह चैहान


 नंदकुमारसिंह चैहान के साथ बातचीत करते हुए हिन्दुुस्तान विचार के संपादक गीत धीर
नंदकुमारसिंह चैहान के साथ बातचीत करते हुए हिन्दुुस्तान विचार के संपादक गीत धीर

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चैहान ने नीतिश कुमार को अवसरवादी राजनेता बताते हुए याद दिलाया कि वे आज जिस शीर्ष स्थिति में है, वहां तक जिन कंधों ने पहंुचाया है आज वे उन्हें ही कोस रहे है। 17 वर्षो तक उन्हें बैसाखी का काम जिसने दिया आज वही नीतिश कुमार को रास नहीं आ रहे है। भारतीय राजनीति में यह एहसान फरामोशी का चरम है जो नीतिश कुमार के चरित्र को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वामपंथियों ने विरोध करके अपने को देश के राजनैतिक संघर्ष से बाहर मान लिया है। कांग्रेस की जो गति हुई है जगजाहिर है। देश की हकीकत से वाकिफ होते हुए भी यदि नीतिश कुमार संघ मुक्ति का हसीन सपना देखते है इसका जवाब तो उन्हें देष की जनता ही देगी जिसने संघ की सेवा व्रती भावना, राष्ट्र प्रेम को परखा है।


उन्होंने कहा कि राजनैतिक दल दूसरे दल से प्रतिस्पर्धा कर सकता है लेकिन एक सांस्कृतिक संगठन जो समूची मानवता को अपने अंचल में समाहित करता है उसका विरोध तो अरण्यरोदन के सिवा क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश के साम्प्रदायिक आधार पर विभाजन को कबूल करने वाली कांग्रेस आज संघ पर तोहमत लगाती है जबकि देश में अलगाव की जनक स्वयं कांग्रेस और उसके पीछे खड़े दिखाई देने वाले तथाकथित धर्म निरपेक्षता का प्रदर्शन करने वाले दल है। तुष्टीकरण को परवान चढ़ाकर जो वोटों की सौदागिरी करते है और संघ तथा भाजपा का खौफ पैदाकर अपनी राजनैतिक रोटियां सेकते है देश में साम्प्रदायिकता के लिए वही कसूरवार है।


नंदकुमारसिंह चैहान ने कहा कि संघ ने आरंभ से सामाजिक समरसता को आधार बनाया और एक कंुआ, एक मंदिर, एक शमशान के सिद्धांत को आचरण में उतारा है। यही कारण है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने संघ की सराहना की। लोकनायक जयप्रकाश और डाॅ. राममनोहर लोहिया ने माना कि संघ जाति विहीन समाज का पक्षधर रहा है और मानवता के आधार पर जरूरतमंद में विश्वास जगाता उसके आंसू पोछता है। उन्होंने कहा कि डाॅ. जाकिर हुसैन ने राष्ट्रपति की हैसियत से कांग्रेस को सचेत किया था कि अनर्गल प्रचार बेमानी है। वास्तव में संघ पर साम्प्रदायिक होने के आरोप मिथ्या और राजनैतिक है। मिसाइल मेन डाॅ. अब्दुल कलाम को देश में राष्ट्रपति पद पर पहंुचाने का श्रेय यदि किसी को है तो वह संघ ही है जिसने यह सर्वमान्य निर्णय किया था।
उन्होंने कहा कि नीतिश कुमार और कांग्रेस जिन वामपंथियों को बैसाखी बना रहे है उनकी औकात 1962 में तभी बेनकाब हो चुकी थी जब वे चीन के समर्थन में खडे थे, आज वहीं भाजपा को कसूरवार बता रहे थे। संघ तो राजनीति में नहीं है उसका कार्यक्षेत्र जनसेवा, राष्ट्रीय जागरण सांस्कृतिक जागरण है तो नीतिश कुमार और उसके तथाकथित सरदार किसका विरोध करेंगे। संस्कृति जिस तरह सवा अरब जनता की स्वास बन चुकी है। संघ भी जन जन में रच पच गया है। उसे चुनौती देने का विचार मुंगेरीलाल का सपने से अधिक कुछ नहीं है।



ईमेल : hindustanvichar@yahoo.in


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