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BHOPAL BODY BUILDING & FITNESS ASSOCIATION

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BHOPAL BODY BUILDING & FITNESS ASSOCIATION Presents SENIOR MR. M.P. BODY BUILDING CHAMPIONSHIP 2012 Date : 11 January 2012 Venue : Ravindra Bhawan, Opposite Polytechenic College, Shamla Hills, Bhopal (M.P) Pin - 462002 Time: 7:30 Pm  Note: Come down to see the enthusiasm of Body Building   Few Direction on Body Building If you wish to have a body that you can show off to people, do not fret because you can achieve this in no time. To realize your dream, try your hand at bodybuilding. Bodybuilding has to be approached with a good attitude. You also need to be well-aware of what it involves and get as much information as you can. You will see that this is the only real helpful way to handle bodybuilding. This exercise also helps to eliminate stress and to improve your overall health. To succeed in bodybuilding, it is important that you commit to doing the changes you want in your body. Beginners must realize that that is what they are, beginners. Do not expect...

कब खुलेगी सरकार की आँखे ?

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कब खुलेगी सरकार की आँखे ? आज के दौर में जब अन्ना हजारे जैसे लोग देश  को सत्य और तरक्की की राह पर लाने के लिए अपनी जान पर खेल कर क्या कुछ नही कर रहे हैं, वही दूसरी ओर कुछ सरकारी अधिकारी / कर्मचारी दे श भक्त होने का खोखला दावा करके सरकार को चूना लगाने से नही चूक रहे हैं। इस बात में कितना सत्य हैं यह प्रत्येक इंडियन काॅमन मैन अच्छी तरह से बखुबी जानता हैं। आज चाहे बात हो रा श न कार्ड बनवाने की यह किसी सरकारी योजना का लाभ उठाने की हर जगह भष्टाचार इस कदर हाबी हो गया हैं कि पूछेयी ही मत। अब तो वो दौर आ गया है जहँा  एक इंसान का दूसरे इंसान के ऊपर से भरोसा ही उठ गया हैं। आज एक आम इंसान जिस बात से सबसे अधिक डरता है वह मंहगाई नही बल्कि वो है सरकारी अधिकारी / कर्मचारी से किसी प्रकार के काम के लिए इनके चूंगल में ना फंस जाये और इसका प्रमुख कारण हैं हमारे दे श की सरकार जो र्सिफ नाम मात्र की ही निष्पक्ष है और यहँा पर केवल मेरा इशारा ही काफी है क्योंकि सरकारी काम के दौरान हर पडि़त काॅमन  मैन यह बात अच्छे से जनता हैं और मेरे पास भी इस बात के अनेकों उदाहरण हैं जहँा यह बात साफ हैं कि सरका...

हिन्दू मुसलमान और आरक्षण

हिन्दू मुसलमान और आरक्षण  आज देश की आजादी के इतने वर्षो बाद भी हम भारतवासी कुछ सबक नही ले सकें हैं और हमारे देश का मौजूदा हाल देखकर तो कभी कभी मन ये समझ ही नही पाता हैं की देश के विकास और तरक्की के लिए अंग्रेजों की गुलामी वाले दिन अच्छे थे या फिर आज के आजाद भारत का यह माहौल बेहतर हैं ऐसा इसलिए क्योंकि अंग्रेजो ने भारत मे आते ही रेल मार्ग की स्थापना शरू  कर दी थी। रेडियो के दौर की शरूआत हो गई थी और इस प्रकार से और कई उदाहरण हैं परंतु आज जब हमारे देश में इतनी मूलभूत सुविधांए हैं पर हम फिर भी आगे प्रगति नही कर पाए हैं जैसे कि आज भी रेल मार्गो का अभाव हैं। बिजली में कटौती की जाती हैं। खेती किसानी नुकसान का व्यापार होने लगे हैं। अपराध दिनो दिन बढ़ते जा रहे हैं, कानून की धज्जियाँ स्वंस रक्षक ही उड़ा रहे हैं। आज देश के कुछ तुच्छ राजनेताओं के कारण जो मतभेद हिन्दु और मुलसमानों थे अब इसमें आरक्षण के कारण पैदा कर के देश में और अधिक तनाव पैदा करने के लिए अथवा देशवासीयो में आपस में फूट डालनें के लिए आरक्षित वर्ग को अपनी गंदी राजनीति का हिस्सा बना रहे हैं। भारत की आजादी के वक्त ज...

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों की पदस्थापना

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भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों की नवीन स्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आज आदेश जारी किये हैं। क्र अधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना 1 डी. सिंघई संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान  से अब अध्यक्ष, राजस्व मंडल, ग्वालियर। 2 प्रसन्न कुमार दाश प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ट्रेड एण्ड इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन कार्पोरेशन लिमिटेड (ट्रायफेक) तथा पदेन प्रमुख सचिव, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग से अब प्रमुख सचिव, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग। 3 जयदीप गोविन्द प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से अब  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तथा पदेन प्रमुख सचिव, विधि एवं विधायी कार्य विभाग। 4 पी.सी. मीना मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तथा पदेन प्रमुख सचिव, विधि एवं विधायी कार्य विभाग  से अब   आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएँ तथा प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक स...

खत्म करो ये भ्रष्टाचार, लागू करो सखत लोकपाल

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ऐसा तो शायद ७३ वर्षीय समाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने भी कभी नही सोचा होगा की उन्हें ऐसा देशव्यापी जन समर्थन मिलेगा जो भारत के इतिहास मे अभी तक शायद ही किसी नेता को मिला हो नौ दिनो के आमरण अनशन  पर बैठे गाँधीवादी नेता अण्णा हजारे ने 9 अप्रैल को जैसे ही जंतर-मंतर पर अपना अपशन तोड़ा तब उन्हे मिले देशव्यापी समर्थन से यह तो स्पष्ट हो गया की भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता मे कितना आक्रोश है पूरे भारत के 450 शहरो मे भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनी  ने भारत की सरकार को इस समाजिक कार्यकर्ता के सामने घुटने टेकने को विवश होना पड़ा और देश की जनता के सामने यह साफ हो गया की महज यह एक चुनावी राजनिति नही हैं। अण्णा हजारे का कहना है कि अगर 15 अगस्त तक लोकपाल विधेयक नही बना तो तिरंगा फिर उनके कंधो पर होगा। अण्णा हजारे चाहते है की भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की अगुआई ऐसे लोग करे जो किसी राजनैतिक पार्टी से न हो जिनके चरित्र साफ हो अण्णा हजारे के अनशन तोड़ने के बाद वकील और समाजिक कार्यकर्ता प्रशांत  भूषण ने कहा की लोकपाल विधेयक मे सरकारी अधिकारियो सहित सभी राजनैतिज्ञो जो ...

खत्म करो ये भ्रष्टाचार, लागू करो सखत लोकपाल

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खत्म करो ये भ्रष्टाचार लागू करो सखत लोकपाल ऐसा तो षायद 73 वर्षीय समाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने भी कभी नही सोचा होगा की उन्हें ऐसा देषव्यापी जन समर्थन मिलेगा जो भारत के इतिहास मे अभी तक षायद ही किसी नेता को मिला हो नौ दिनो के आमरण अनषन पर बैठे गाँधीवादी नेता अण्णा हजारे ने 9 अप्रैल को जैसे ही जंतर-मंतर पर अपना अपषन तोड़ा तब उन्हे मिले देषव्यापी समर्थन से यह तो स्पष्ट हो गया की भ्रष्टाचार के खिलाफ देष की जनता मे कितना आक्रोष है पूरे भारत के 450 षहरो मे भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्षनी ने भारत की सरकार को इस समाजिक कार्यकर्ता के सामने घुटने टेकने को विवष होना पड़ा और देष की जनता के सामने यह साफ हो गया की महज यह एक चुनावी राजनिति नही हैं। अण्णा हजारे का कहना है कि अगर 15 अगस्त तक लोकपाल विधेयक नही बना तो तिरंगा फिर उनके कंधो पर होगा।अण्णा हजारे चाहते है की भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की अगुआई ऐसे लोग करे जो किसी राजनैतिक पार्टी से न हो जिनके चरित्र साफ हो अण्णा हजारे के अनषन तोड़ने के बाद वकील और समाजिक कार्यकर्ता प्रषांत भूषण ने कहा की लोकपाल विधेयक मे सरकारी अधिकारियो सहित सभ...

हँगामा है क्यों बरपा ----- ?

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लेखक -               अजय धीर               संपादक संवाद ब्यूरो (समाचार पत्र) हँगामा है क्यों बरपा ----- ? भोपाल या भोजपाल मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राजा भोज के राज्यरोहण सहस्त्राब्दी समारोह का भोपाल मे आयोजन कर भोपाल के नाम को भोजपाल करने की घोषणा क्या की के एक हँगामा खड़ा हो गया,   सच तो यही है की दो गुटो मे बँट गये भोपाल के रहवासी और नाम परिवर्तन पर शुरू    हो गई राजनिति वैसे देखा जाये तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का तर्क सही ही लगता है की भोपाल शहर का नाम पराक्रमी राजा और उच्च कोटी के विद्वान राजा भोज के नाम पर भोजपाल होना चाहिए। भोपाल के बड़े तलाब के किनारे परमार राजा भोज की प्रतिमा के अनावरण के साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की भोपाल का नाम अब भोजपाल होगा जिसका प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जायेगा और बड़ा तलाब अब भोजताल और वी.आई.पी रोड का नाम अब भोज मार्ग होगा वैसे इतिहास इस बात का साक्षी हैं कि...